֍:क्यों है जरूरी?§ֆ:रणजीत सिंह पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय में अत्याधुनिक खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला का उद्घाटन करते हुए रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा, “खाद्य उत्पादों के लिए सुरक्षा मानकों को पूरा करना और दूषित पदार्थों और रोग मुक्त होना बेहद जरूरी है.” यह प्रयोगशाला खाद्य परीक्षण के लिए नवीनतम तकनीकों का उपयोग करेगी, जिससे खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी.§֍:क्या है योजना?§ֆ:यह पहल प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) के तहत सरकार की एक बड़ी योजना का हिस्सा है. इसके अंतर्गत 205 प्रयोगशाला परियोजनाओं के लिए 503.47 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. इस योजना के तहत, 169 परियोजनाएं पहले ही पूरी हो चुकी हैं, जिनमें 349.21 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं.§֍:इन परियोजनाओं को मंजूरी§ֆ:पंजाब में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है. मंत्रालय ने कुल 553 करोड़ रुपये की लागत से 24 कोल्ड चेन परियोजनाओं, 70 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन कृषि प्रसंस्करण क्लस्टर परियोजनाओं, 432 करोड़ रुपये के निवेश से 16 खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और 48 करोड़ रुपये की लागत वाली 10 खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं को मंजूरी दी है. §खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय रेल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने घोषणा की है कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MOFPI) वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान देश भर में 100 नई NABL-मान्यता प्राप्त खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना का समर्थन करेगा.

