देश के करोड़ों किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने वाली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना ने अब तक 19 किस्तों में 3.69 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की है। हाल ही में 24 फरवरी 2025 को 19वीं किस्त जारी की गई, जिससे 10 करोड़ से अधिक किसानों को 23,000 करोड़ रुपये का सीधा लाभ मिला।
किसानों के लिए सीधी आर्थिक सहायता
पीएम-किसान योजना फरवरी 2019 में शुरू की गई थी। इसके तहत हर कृषि योग्य भूमिधर किसान को सालाना 6,000 रुपये की सहायता तीन बराबर किस्तों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से दी जाती है। योजना की प्रमुख पात्रता कृषि योग्य भूमि का स्वामित्व है, हालांकि कुछ उच्च आय वर्ग के अपवाद इस योजना से बाहर हैं।
किसी पात्र किसान को वंचित न रहने देने की दिशा में व्यापक प्रयास
केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है कि कोई भी पात्र किसान योजना से वंचित न रह जाए। इसके लिए समय-समय पर राज्य सरकारों के सहयोग से सेचुरेशन अभियान चलाए जाते हैं। विकसित भारत संकल्प यात्रा (वीबीएसवाई) के तहत नवंबर 2023 से शुरू हुए अभियान में 1 करोड़ से अधिक किसानों को योजना में जोड़ा गया, जबकि नई सरकार की 100 दिनों की पहल में 25 लाख नए किसानों को लाभार्थी बनाया गया।
सितंबर 2024 से लंबित स्व-पंजीकरण मामलों को निपटाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत अब तक 30 लाख से अधिक लंबित मामलों को मंजूरी दी जा चुकी है।
तकनीक के सहारे पारदर्शिता और सुलभता
योजना की पारदर्शिता और लाभार्थियों की सुविधा के लिए पीएम-किसान पोर्टल पर ‘किसान कॉर्नर‘ की सुविधा उपलब्ध है, जहाँ किसान अपनी लाभार्थी स्थिति, भुगतान स्थिति और किस्तों का विवरण देख सकते हैं। साथ ही, “Know Your Status” विकल्प की मदद से किसान आसानी से अपनी स्थिति जान सकते हैं।
कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर भी किसान योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
शिकायत निवारण के लिए मजबूत व्यवस्था
यदि किसी किसान को किस्त नहीं मिली हो या किसी अन्य प्रकार की समस्या हो, तो पीएम-किसान पोर्टल पर उपलब्ध शिकायत मॉड्यूल के माध्यम से शिकायत दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा, सीपीजीआरएएमएस (CPGRAMS) पोर्टल पर भी किसान अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं, जिनका समयबद्ध समाधान जिला और राज्य स्तर पर सुनिश्चित किया जाता है।
एआई चैटबॉट ‘किसान ई-मित्र’ से तुरंत समाधान
तकनीक के उपयोग को एक नई ऊंचाई देते हुए सरकार ने एक वॉइस-आधारित पीएम-किसान एआई चैटबॉट ‘किसान ई-मित्र‘ भी विकसित किया है। यह चैटबॉट किसानों के सामान्य प्रश्नों और शिकायतों का 24×7 उनकी मातृभाषा में सटीक और स्पष्ट उत्तर देता है। यह सेवा 11 भाषाओं हिंदी, अंग्रेज़ी, पंजाबी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, मराठी, बंगाली, गुजराती, कन्नड़ और ओड़िया में उपलब्ध है और वेब तथा मोबाइल दोनों प्लेटफॉर्म पर उपयोग की जा सकती है।

