֍:प्रदर्शनी में ये रहा खास§ֆ:संयुक्त निदेशक विस्तार डॉ. कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि मेले में लगाई गई कृषि-औद्योगिक प्रदर्शनी किसानों के आकर्षण का विशेष केन्द्र रही. इस प्रदर्शनी में कुल 258 स्टॉल लगाए गए. उन्नत किस्म के बीज, नवीनतम तकनीक, कृषि उपकरण, समेकित कृषि प्रणाली और कृषि क्षेत्र में उधमिता को बढ़ावा देना मेले के मुख्य आकर्षण रहे. मेले के आखिरी दिन बीज बिक्री केन्द्रों और स्टॉल पर किसानों की भारी भीड़ रही. सवाल-जवाब सत्र के दौरान किसानों और वैज्ञानिकों के बीच हुए संवाद के अलावा कृषि में उद्यमिता को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा की गई. कार्यक्रम में लाला लाजपतराय पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरेश जिंदल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे.§֍:विवि में नई किस्में पर ध्यान§ֆ:हरियाणा कृषि विश्विद्यालय की बनाई नई किस्में अधिक पैदावार देने वाली और गुणवत्तापूर्ण है, जिसके कारण इनके उन्नत बीजों की हरियाणा सहित अन्य राज्यों में भी मांग है. कृषि क्षेत्र के समक्ष आ रही चुनौतियों जैसे भूमि की लवणता, भूमि की उर्वरा शक्ति में कमी आना, भूजल स्तर का गिरना, क्षारीयता व जल भराव की स्थिति, जलवायु परिवर्तन तथा फसल उत्पादन में कीटनाशक और रासायनिक उर्वरकों का सिफारिश से अधिक प्रयोग शामिल हैं.§हरियाणा की चौधरी चरण सिंह कृषि विश्विद्यालय में दो दिवसीय कृषि मेले का आयोजन हुआ, जो पिछले दिन यानि 18 मार्च का समाप्त हो गया. मेले में हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के करीब 83000 से ज्या दा किसान शामिल हुए. आंकड़ों के अनुसार किसानों ने करीब 43.06 लाख रुपये के खरीफ फसलों और सब्जियों की उन्नत और सिफारिश किए जाने वाले किस्मों के प्रमाणित बीज और करीब 3 लाख 50 हजार रुपये के फलदार पौधे, सब्जियों के बीज खरीदे और करीब 45 हजार रुपये का कृषि साहित्य भी खरीदा. विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. बनवान सिंह मंडल ने इसकी जानकारी दी.

